जब तुमने छीन ली मेरी साँसें,
तुमने न केवल मेरा सुकून छीना,
तुमने छीने मेरे सारे सपने,
जो मैं न जाने कब से पिरो रहा था।
तेरे संग से भी ज़्यादा ज़रूरी था
शायद उन ख्वाबों का पूरा होना,
मेरे चलने का सहारा होना,
तेरे अस्तित्व का गुमान होना,
जीवन की विकट परीक्षा में
प्रेम की परम मिसाल होना,
और शायद उससे भी ज़्यादा ज़रूरी था,
तेरा मेरे हर पल में होना,
मेरा तेरे हर पल में होना,
हमारा हर पल
जीवित रहना।