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Tag Archives: sardi

सर्दी आई कविता का image

सर्दी आई

सर्दी आई धीमे से बिन दस्तक तुम्हारी खिड़कियों दरवाज़ों की बेजोड़ नाकाबंदी  पर बेलगाम बेहिचक आक्रमण कर दहलीज़ों की छिद्रों से घुसपैठ कर बिन आहट बिस्तर पर चढ़ अपनी तलवार गर्दन पर रख तुमसे सवाल कर बैठी की जीना है तो मेरे इशारों पर जीना