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Tag Archives: hindi poems on sardi

yadi tum aate is sard me toh poem image

यदि तुम आते इस सर्द में

तुम आते इस सर्द में तो तुम्हें मख़मली रजाई बन अपने भीतर समा लेता। जब तुम आँख मूँदकर सोते, तो तुम्हारे बालों में अपनी उँगलियों की कंघी से बेबात तुम्हें सँवारता। वह बिन तेल मालिश, जो तुम्हारे सिर के पीछे बेवजह कभी शुरू, कभी ख़त्म